Tags:

Us purani Haveli me jarur koi hai hindi bhoot ki kahani

Us purani Haveli me jarur koi hai hindi bhoot ki kahani
Share this Post

Us purani Haveli me jarur koi hai hindi bhoot ki kahani


वह उस पुरानी हवेली को छोड़कर चले गए थे क्योकि वह उस जगह पर नहीं रहना चाहते थे, उन्होंने ने उस पुरानी हवेली से कुछ दूर एक नयी हवेली बनाई थी उस जगह पर रहने वाले लोग यह बात जानते थे की उस पुरानी हवेली में कुछ जरूर है जिसके कारण उन्हें वह छोड़नी पड़ी थी मगर क्या है वह कोई भी नहीं जानता था, यह बात भी लगभग बीस साल पुरानी होगी, उस परिवार के लोग त्यौहार की तयारी कर रहे थे,

Us purani Haveli me jarur koi hai hindi bhoot ki kahani

Us purani Haveli me jarur koi hai hindi bhoot ki kahani

वह सभी उस समय पुरानी हवेली में ही रहते थे, रात का समय था और गांव में बिजली नहीं थी अँधेरा भी बहुत था इस करना कुछ भी साफ़ नज़र नहीं आ रहा था सभी लोग यही सोच रहे थे की जल्द ही बिजली आ जायेगी, मगर बिजली नहीं आयी थी, हवेली में रौशनी करने के लिए कुछ दीपक जलाये हुए थे, मगर एक हवा का झोका सभी को बंद कर गया था यह कैसे हुआ यही सब हवा को ही जिम्मेदार ठहरा रहे थे, मगर सच क्या यह कोई भी नहीं जानता था |

सभी लोग बहार ही घूम रहे थे, कुछ नौकर हवेली के ऊपर ही फिर से दीपक को जला रहे थे, मगर वह जब भी जलाते थे तुरंत ही वह बंद हो जाते थे वह बहुत कोशिश कर रहे थे मगर वह सफल नहीं हो रहे थे, नीचे से  आवाज आयी की यह क्या कर रहे हो चारो और अँधेरा है और तुमसे एक भी दीपक नहीं जल रहा है क्या हो रहा है ऊपर, वह कहते हुए ऊपर की और गए और उनका पैर फिसल गया था जिसके कारण वह ऊपर नहीं जा सके थे, 

उसके बाद सभी लोग वहा पर दौड़ कर आये और पूछा की यहां पर क्या हो रहा है और आप नीचे कैसे गिर गए थे उन्होंने ने बताया की मुझे ऐसा लगा की किसी ने बहुत तेजी से आवाज लगाई  और पीछे जैसे ही देखा गिर गया था मगर कोई भी नहीं देखा था ऊपर वह दीपक को नहीं जला पा रहे थे, उन्हें देखने ही गया था तभी ऊपर से एक नौकर आया और बोला की जब भी दीपक जलाये जाते है तो अचानक ही बंद हो जाते है,

कुछ भी समझ नहीं आ रहा था इसलिए हमे ऐसा लगता है की यहां पर कोई है जो हमे ऐसा करने से रोक रहा था क्योकि अंदर कोई भी हवा का झोका नहीं था फिर भी ऐसा हो रहा था सबके मन में कुछ तो बात चल रही थी की ऐसा कैसे हो सकता था पता लगाने के लिए बहुत प्रयास करे मगर कुछ पता नहीं चला था रात बीत गयी थी सुबह हो गयी थी, और उसी दिन से सब कुछ बदल गया था  |

कुछ चीजों की जगह अपने आप बदल चुकी थी, लोगो को कभी-कभी यह भरम हो जाता था की वह चीजे वहा तो हमने नहीं रखी थी, मगर फिर भी वह लोग यही सोचते थे की हो सकता है की यहां पर पहले से रखी हुई हो, मगर एक दिन तो ऐसा हुआ था जिसके बाद उन्हें वह जगह छोड़नी पड़ी थी उन्होंने ने अपनी कार जिस जगह पर पार्क थी वह कार उनकी उलटी दिशा में खड़ी थी जबकि किसी ने भी उस कार को हाथ नहीं लगाया था यह घटना बहुत अजीब थी,

सबसे पहले तो वह एक दूसरे पर शक करने लगे थे क्योकि ऐसा नहीं हो सकता था मगर जब सब कुछ पता किया गया था तो ऐसा करना मुश्किल था क्योकि चाबी तो बड़े भाई के पास रहती थी जोकि लेना समंभव नहीं था इसलिए उन्हें लगा की कुछ तो है जो हमे पता नहीं चल रहा था उसके बाद रात के समय अचानक ही कमरों की बिजली अपने आप ही बंद हो रही थी और अपने आप ही चालू हो रही थी, एक कमरे में कोई बोल रहा था मगर उसकी भाषा किसी को भी समझ नहीं आ रही थी |

जब सभी लोग उस कमरे में आये तो कोई भी नहीं था मगर आवाज किसकी थी यह कोई भी नहीं जानता था कौन हो सकता है कोई भी नहीं जानता था कोई वह कमरा चारो और से बंद था उसमे एक दरवाजा था जिससे बहार और अंदर जाया जा सकता है, वह रात का समय था सभी के मन में अनेक बाते चल रही थी कोई भी नतीजे पर नहीं पहुंच रहा था मगर सबके मन में अनेक सवाल थे मगर जवाब किसी के भी पास नहीं था |

अगली सुबह अभी नहीं हुई थी की एक नौकर को बहुत पीटा गया था जब उसने यह बात सभी को बताई तो किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था उसने कहा की यहां पर कुछ ऐसा है जो हमे दिख तो नहीं रहा है मगर हमे तकलीफ दे रहा है अब में यहां पर कोई भी काम नहीं कर सकता हु में यहां से जा रहा हु अगर आप भी अच्छे से रहना चाहते है तो आप यहां से चले जाए, उसकी बाते समझ से बहार थी मगर कुछ तो था जो अच्छा नहीं था |

उस दिन के बाद वह लोग भी उस जगह से चले गए थे, क्योकि वहा पर कुछ भी हो सकत है इसलिए कोई भी उस जगह पर रहना नहीं चाहता था, उन्होंने ने कुछ दिन बाद ही दूसरी जगह पर अपने नयी हवेली बना ली थी और वही पर रहने चले गए थे, ऐसा बताया जाता है की जब भी कोई उस हवेली के पास जाता है तो एक कमरे में कोई घूमता हुआ नज़र आता है मगर वह कौन है यह कोई नहीं जानता है और कोई उसे जानना भी नहीं चाहता है, यह डर है या कोई एहसास है कोई नहीं जानता है

मगर एक बात तो है की कोई तो है जो हमे महसूस नहीं होता है लेकिन वह है इस बात को वह बताना चाहता है मगर कोई भी सुनने के लिए त्यार नहीं है कुछ दिन बाद उनके लड़के शहर से वापिस आते है जोकि अपनी पढ़ाई के लिए बहार ही रहते थे, उन्हें इस बारे में कुछ भी नहीं पता होता है |


“Us purani Haveli me jarur koi hai hindi bhoot ki kahani” पसंद आयी तो हमारे फेसबुक और टवीटर पेज को लाइक और शेयर जरूर करें ।

Facebook.com/cbrmixglobal

Twitter.com/cbrmixglobal

Related posts:

Upar wale kamre me jarur koi rehta hai hindi ghost story
Ruby ko chudail ne jakad liya tha ek sacchi ghatna
Is bar main bola hi nahi bhootiya rasta ki darawani kahani
Bhooto se mulakat hui Kanpur ki sacchi bhoot ki kahani
Chudail ne bachai us ladki ki ijjat asli bhoot pret ki kahani
Wahan bahot julm hua tha un par ek sacchi bhutiya ghatna
Naali ke gatar waala darawana bhoot ki kahani
Pandiji ka rahasmaiyai chhata hindi horror story (Full)
Kue mein tha koi tha ek darawani katha
Din raat subah saam Sonal ko wah ladki najar aane lagi bhoot ki Kahani
Insaaf Mangti Atma-kanpur me 1982 ki sacchi ghatna 
Khoon peene waali dayan ki darawani kahani
Combined Hospital me Nana Rao Peshwa ji ka bhoot aya
Chudail ne pia mere dost ka Khoon ek sacchi ghatna
Wo kaun thi ek sacchi bhoot pret ki kahani
Kue waali chudail ki kahani 20 saal pehle ki ghatna hindi me
Bhangarh ka wo Bhutiya Kila jahan raat ko jana mana hai
Kabr se Nikli ek atma ek darawani bhootiya kahani
Us raste me ek maryal type ka bhoot rehta hai hindi ghost story
Mukti kothri ki ek sacchi darawani ghatna Uttrakhand ki
Yeh ishare batayenge ki aapke ghar me bhoot hai ya nahi
Chudail ne nanga kar dia mere ko ek chudail ki sacchi ghatna
Nani ne bachaya ghar ko buri aatmao se
veeran ho gaya gaav ek bhoot ki kahani
Kitchen aur bathroom me koi hai (sacchi ghatna par aadharit ghost story)
Kanpur ke Civil lines me Gora Kabristan ki ek darawani sacchi bhutia ghatna
Champa ka sharir kat gaya tha ek khatarnaak sacchi ghatna
Bera (Uttar Pradesh) ki saachi ghatna raat ki chudail ki kahani
Janiye kaise pandit ji ne kia bhooto ko bas me
Us bhoot ne Maa aur bhai ko mar dala bhoot kahani
Narayani ki Kahani Combined hospital Kanpur Cantt
Do sir wali chudail ne mujhe maar hi daala tha
Maine Shrapit aatmao ke saath Titlagarh me raat kaati-bhoot pret ki kahani
Pandit ji chale gaye bhooton ke ghar pe
Also read :   Narayani ki Kahani Combined hospital Kanpur Cantt

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *