Akhir chori hui kaise (high suspense full hindi story)

Akhir chori hui kaise (high suspense full hindi story)
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राजा को जब पता चला कि महल में चोरी हो गई है तो इससे राजा बहुत परेशान हुए उन्होंने अपने सेनापति को बुलाया और पूछा कि चोर कौन है इसका पता तुम्हें बहुत जल्दी लगाना पड़ेगा सेनापति ने कहा कि मैं जल्द से जल्द चोर का पता लगा लूंगा राजा ने कहा कि तुम्हारे लिए यही अच्छा होगा कि चोर जल्दी पकड़ा जाए क्योंकि अगर यह बात किसी को पता चल गई कि महल में चोरी हो गई है तो हमारी जनता हम पर विश्वास कैसे कर पाएगी |

Akhir chori hui kaise (high suspense full hindi story)

राजा के महल से राजा की तलवार को चोरी कर लिया गया था यह शातिर चोर इसके बारे में पता लगाने के लिए राजा ने बहुत सारी योजना बनाई थी जिसके बारे में सेनापति को बता दिया गया था सेनापति भी इस बारे में पूरा विचार कर रहे थे कि चोर जल्द से जल्द पकड़ा जाए | राजा बैठे हुए यही सोच रहे थे कि चोर इतना तेज कैसे हो सकता है कि हमारे महल में आए और चोरी कर जाए क्योंकि बाहर का आदमी यहां पर आना उसके लिए बहुत ही मुश्किल होता है लेकिन वह चोर अंदर कैसे आया होगा राजा ने सेनापति को बुलाया और पूछा कि चोर के बारे में कुछ और जानकारियां प्राप्त कर पाए आप ?

सेनापति ने कहा कि चोर की तलाश की जा रही है लेकिन अभी चोर का मिलना बहुत मुश्किल है क्योंकि हमें यह भी नहीं पता कि चोर कहां से आया है और कहां रहता है और उसका अगला कार्य क्या होगा जब तक हमें इस बात के बारे में जानकारी नहीं मिलती है तब तक हमें थोड़ा सोचना पड़ेगा राजा ने सेनापति को कहा कि हमें यह सोचना चाहिए कि चोर अंदर कैसे आया क्योंकि जब तक हमें इस बारे में जानकारी नहीं मिलेगी तब तक हम चोर को नहीं पकड़ सकते तुम्हें इस बारे में सोचना होगा अगले दिन महल में राजा को एक पत्र मिला उस पत्र में लिखा था कि महल में चोरी करने आएगा अगर पकड़ सकते हैं तो पकड़ कर दिखाइए, राजा को यह बात अच्छी नहीं लगी थी सेनापति को बुलाया गया और कहा गया कि हमारे महल की सुरक्षा बहुत ज्यादा अच्छी तरह से कर दो क्योंकि आज चोर का पत्र हमें मिला है उसमें लिखा है कि वह चोरी करेगा |

सेनापति ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो चोर को बहुत जल्द पकड़ लिया जाएगा चोर की तलाश में पूरा दिन सेनापति महल में ही घूमते रहे लेकिन उन्हें चोर कहीं भी नजर नहीं आ रहा था शाम भी हो गई थी लेकिन कुछ भी चोरी नहीं हो पाया था सेनापति ने राजा से कहा कि लगता है हमें डराने के लिए यह पत्र भेजा है और हम पूरे दिन से यहां पर बैठे हुए हैं लेकिन हमें अभी तक चोर नहीं मिला, जब सुबह हुई तो राजा को यही लगा कि शायद पत्र हमें डराने के लिए भेजा है लेकिन जैसे ही राजा तैयार होने लगे तो उन्होंने देखा कि उनका ताज उन्हें नहीं मिल रहा है तभी उन्हें दूसरा पत्र मिला चोर ने कहा कि आपका ताज मेरे पास है |

राजा का ताज चोरी कर लिया गया था और राजा को इस बारे में कोई खबर नहीं हुई थी यहां तक कि सेनापति को भी इस बारे में कुछ भी नहीं पता था जब सेनापति को बुलाया गया और पूछा गया कि चोर हमारे महल में आएं तुम्हें बिल्कुल भी पता नहीं लगा वह हमारा ताज ले गए हैं और अब हम क्या कर पाएंगे क्योंकि हमें चोर मिल ही नहीं रहा जनता को हम क्या बता पाएंगे आज हमारा ताज चोरी हुआ है कल हमारी तलवार चोरी हुई थी सेनापति को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था क्योंकि वह यह भी नहीं जानते थे कि चोर कैसे अंदर आया जबकि सारे दरवाजे पर पहरेदार लगे हुए थे लेकिन फिर भी चोर अंदर आया वह चोरी कर गया |

राजा इस बात को महल से बाहर नहीं जाने दे रहे थे क्योंकि जनता को इस बारे में खबर हो जाती है और जनता इस बारे में जानकर राजा पर हंसने लगती कि वह हमारी सुरक्षा क्या करेंगे जब तक उनकी ही सुरक्षा सही तरीके से नहीं की जा रही है राजा को चोर से संपर्क करने के लिए भी कोई साधन नहीं मिल रहा था लेकिन राजा यह सोच रहे थे कि हमें चोर से मिलना ही पड़ेगा तभी एलान करवाया गया कि कोई भी चोर जो कि किसी को परेशान कर रहा है वह दरबार में हाजिर हो जाए उसे पकड़ा नहीं जाएगा बल्कि इनाम दिया जाएगा इस तरह का ऐलान जब किया गया तो चोर अगले दिन दरबार में हाजिर हुआ लेकिन बहुत से लोग वहीं पर थे इसलिए चोर को पहचानना बड़ा मुश्किल था |

राजा ने कहा कि चोर कौन है अगर वह दरबार में आया है तो सामने आकर खड़े हो जाए चोर भीड़ में से निकल कर सामने खड़ा हो गया और कहने लगा कि मैं ही चोर हूं जिसने आपके सामान की चोरी की है राजा ने कहा कि मैं तुम्हें इतना सारा धन दूंगा कि उसके बाद तुम्हें चोरी करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी और तुम्हे मेरा सामान भी लौटाना होगा और इसके बदले में कुछ भी नहीं किया जाएगा अगर तुम्हें मंजूर है तो मैं तुम्हें माफ कर दूंगा |

चोर ने कहा कि मुझे मंजूर है जैसा कि आप कह रहे हैं तब राजा ने पूछा कि तुमने चोरी कैसे की है हमें बताना होगा तभी चोर ने कहा कि जब भी आपकी सामान लाने की गाड़ियां आती थी उसी में में बैठकर आ जाया करता था और सेवक का रूप बनाकर महल में घूमा करता था चोरी कर लिया करता था जब राजा को यह बात पता चली तो वह सपने में भी सोच नहीं सकते थे कि उनकी सामान की गाड़ियों में कोई चोर अंदर आ सकता है चोर को माफ कर दिया गया उसे बहुत सारा धन दे दिया गया और इस तरह चोर धन को लेकर चला गया फिर उसने कभी भी चोरी नहीं की |

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